1 :डिजिटल अधारभूत ढांचे का निर्माण करना
2 :इलेकट्रॉनिक रूप से सेवाएं जनता तक पहोचाना
3 :डिजिटल साक्षरता।
योजना को 2019 तक कार्यान्वयित करने का लक्ष्य है`एक टू-वे प्लेटफॉर्म का निर्माण किया जाएगा जिस से सेवाप्रदाता और उपभोक्ता को लाभ होगा यह एक अंतर मत्रालय पहल होगी यहाँ सभी मत्रलय विभाग अपनी सेवाएं जनता तक पहुंचाएंगें जैसे कि स्वास्थ्य, शिक्षा और न्यायिक सेवा आदि। यह योजना मोदी परसासन की परियोजनाओं में से एक है इसमे लीगल फ्रेम वर्क ,गोपनीयता का अभाव ,डाटा सुरक्षा नियमों की कमी, नागरिक स्वायत्तता हनन, तथा भारतीय ई-सर्विलांस के लिए संसदीय निगरानी की कमी तथा भारतीय साइबर असुरक्षा जैसी कई महत्वपूर्ण कमियाँ भी हैं। डिजिटल इंडिया को कार्यान्वयित करने से पहले इन सभी कमियों को दूर करना होगा।
डिजिटल भारत के प्रमुख स्तम्भ
1 :ब्रॉडबैंड हाईवे
2 : सबको फोन की उपलब्धता4- ई-शासन (टेक्नालॉजी की मदद से शासन)
3 : इंटरनेट तक सबकी पहुच
4- ई-शासन (टेक्नालॉजी की मदद से शासन)
5- ई-क्रांति (इलेक्ट्रानिक सेवाएं)
6- सभी के लिए सूचना
7- इलेक्ट्रानिक मैन्युफैक्चरिंग
8- आईटी के जरिए रोजगार
9- भविष्य की तैयारी के कार्यक
डिज़िटल इंडिया की निगरानी
1 ; प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में बनी कमेटी
2 : वित्त मंत्री ,आईटी मंत्री ,मानव ससाधन मंत्री, शहरी विकास मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री होंगे सदस्य
3 : प्रधान मंत्री के प्रमुख्य सचिव ,कैबिनेट सचिव ,व्यय, योजना ,टेलीकॉम और।कार्मिक सचिव विशेष आमंत्रित
डिज़िटल इंडिया पर खर्च
1 :मौजदा योजनाओं में एक लाख करोड़
2 : नई योजनाओ और गतिविधियों में 13 हजार करोड़
3 :2019 तक डिज़िटल इंडिया का असर
4 : 2.5 लाख गावो में ब्रॉडबैंड और फोन की सुविधा
5 :2020 तक नेट जीरो आयात
6 :4 लाख पब्लिक इंटरनेट प्वाइट
7 : 2.4 लाख स्कूल मे वी वाई फाई
1 जुलाई 2015 को भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया , यह भारत की अन्य प्रमुख्य योजनाओ , जैसे भारतनेट,मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया ,भारतमाला ,सागरमाला दोनों मैं प्रफुलित और लाभकारी है।

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